रक्षाबंधन त्यौहार की पूरी जानकारी Rakashabandhan Information In Hindi

Rakashabandhan Information In Hindi रक्षाबंधन हिंदू लोगों का महत्वपूर्ण और लोकप्रिय त्यौहार हैं । यह भाई और बहनों का त्यौहार हैं । इस त्यौहार पर बहन अपने भाईयों को राखी बांधती हैं । यह त्यौहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मतलब अगस्त महिने में मनाया जाता हैं । रक्षाबंधन यह त्यौहार भाई और बहनों के बीच प्यार और अटूट रिश्ते का प्रतीक हैं । हिंदू लोगों के साथ साथ अन्य धर्मों के लोग भी इस त्यौहार को उत्साह से मनाते हैं ।

Rakashabandhan Information In Hindi

रक्षाबंधन त्यौहार की पूरी जानकारी Rakashabandhan Information In Hindi

रक्षाबंधन त्यौहार कैसे मनाते हैं –

रक्षाबंधन का त्यौहार भाई और बहन के प्यार का प्रतीक है। यह त्यौहार बहोत ही उत्साह से मनाया जाता हैं ।रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को तिलक लगाती हैं और भाई की आरती उतारती है।

बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और मिठाई खिलाती हैं । बहन अपने भाई के रक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं । भाई अपने बहन को उपहार देते हैं । इस तरह भाई और बहन उत्साह से रक्षाबंधन का त्यौहार मनाते हैं ।‌

रक्षाबंधन का त्यौहार क्यों मनाते हैं –

रक्षाबंधन को भाई और बहन की पवित्र रिश्ते का प्रतीक माना जाता हैं । यह त्यौहार भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के कलाई पर राखी बांधती है और अपने भाई की रक्षा के लिए कामना करती है ।

भाई भी अपने बहन को रक्षा करने का वचन देते हैं । भाईयोंसे अपने बहन की सुरक्षा का वचन लेना और बहनों ने अपने भाइयों के लिए सुख , समृद्धी , अच्छे स्वास्थ्य और प्रगती की कामना करना यह इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य है़ं ।

रक्षाबंधन का इतिहास –

1) कृष्ण और द्रौपदी –

भगवान कृष्ण ने लोगों की रक्षा करने के लिए दृष्ट राजा शिशुपाल को मारा था। उस समय भगवान कृष्ण के अंगूठे पर चोट लगी थी । चोट देखकर द्रोपदी ने अपने वस्त्रों का उपयोग करके उनका खून बहने से रोका था।

यह देखकर भगवान कृष्ण बहोत प्रसन्न हुए थे और उन्होंने द्रौपदी से यह वादा किया था की जब समय आयेगा तब वह भी उसकी रक्षा करेंगे । कुछ वर्षों बाद द्रौपदी जुए के खेल में हार गयी थी । उस समय एक राजकुमार द्रौपदी का चिरहरण करने लगा । तब भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को बचाया था।

2 ) राणी कर्णावती और सम्राट हुमायूं –

चित्तौड़गढ़ की राणी कर्णावती यह विधवा थी । उनके राज्य पर गुजरात के राजा बहादुर शाह ने आक्रमण किया । राणी कर्णावती को ऐसे लग रहा था की वह अकेले अपने राज्य को बहादुर शाह से बचा नहीं सकती ।

इसलिए उन्होंने राजा हुमायूं को एक राखी भेजी और बहन होने के नाते उनसे युद्ध में सहायता मांगी । हुमायूं राजा ने राणी कर्णावती का आमंत्रण स्वीकार किया और उन्होंने राणी कर्णावती को अपनी सेना भेजकर युद्ध में मदद की थी ।

3 ) माता लक्ष्मी और राजा बली –

राजा बली भगवान विष्णु के बहोत बड़े भक्त थे । बली की भक्ती देखकर भगवान विष्णु प्रसन्न हो गये और अपने स्थान को छोड़कर बली के राज्य की सुरक्षा करने के लिए चले गये । माता लक्ष्मी बहोत दु:खी हो गई थी ।उन्होंने भगवान विष्णु को अपने स्थान वैकुण्ठ पर लाने के लिए ब्राम्हण महिला का रूप धारण किया और वह राजा बली के पास रहने लगी थी ।

माता लक्ष्मी ने एक दिन श्रावण मास के पूर्णिमा के दिन राजा बली को राखी बांधी और राजा बली ने माता लक्ष्मी को उपहार में कुछ मांगने को कहा। तब माता लक्ष्मी अपने असली रूप में आ गई और उन्होंने भगवान विष्णु को अपने स्थान वैकुण्ठ पर भेजने को कहा। इसके बाद राजा बली ने भगवान विष्णु को वैकुण्ठ भेज दिया। ऐसे कहा जाता है की इसी दिन से श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है।

4 ) इंद्रदेव और भगवान विष्णु –

देवताओं और राक्षसों के बीच भयंकर युद्ध हुआ था। इस युद्ध में भगवान इंद्र अपना राज्य अमरावती हार गये थे। यह देखकर भगवान इंद्र की पत्नी सची भगवान विष्णु के पास मदद मांगने गई थी । उस वक्त भगवान विष्णु ने सची को एक सूती धागा दिया था और कहा कि इस धागे को अपने पती इंद्रदेव के कलाई पर बांधे ।

5 ) भगवान गणेश और उसके पुत्र –

ग्रंथों के अनुसार , ऐसा माना जाता है की भगवान गणेश के दो पुत्र थे । उनका नाम शुभ और लाभ था । शुभ और लाभ को बहन नहीं थी और उन दोनों को बहन की कमी महसूस होती थी।

दोनों पुत्रों ने अपने पिता भगवान गणेश से बहन की मांग की । भगवान गणेश उनकी इच्छा पूरी करने के लिए मान गये थे । भगवान गणेश को दो पत्नी थी । उनका नाम रिद्धि और सिद्धि था । रिद्धि और सिद्धि के दिव्य प्रकाश से माता संतोषी का प्रादुर्भाव हुआ था ।

किस राज्य में रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता हैं –

1 ) महाराष्ट्र –

महाराष्ट्र में रक्षाबंधन और नारली पूर्णिमा साथ में मनाया जाता हैं । महाराष्ट्र में अपने भाई को तिलक लगाकर आरती उतारते हैं और अपने भाई को राखी बांध कर उसके रक्षा और प्रगति के लिए प्रार्थना करते हैं और भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं और उसके रक्षा करने का वादा करते हैं । महाराष्ट्र में इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और समुद्र में नारियल अर्पण करते हैं । इस दिन लोग समुद्र की पूजा करते हैं और प्रार्थना करते हैं ।

2 ) राजस्थान –

राजस्थान में रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाई को और उसकी पत्नी को मतलब भाभी को भी राखी बांधती हैं । इसे लुम्बा राखी कहां जाता है । ऐसा माना जाता है की पत्नी पती की अर्धांगिनी होती है मतलब उसकी जीवनसंगिनी होती हैं ।

ऐसा माना जाता हैं की जब तक बहन अपने भाभी को भी राखी नहीं बांधती तब तक यह त्यौहार पूरा नहीं होता । भाई की अपनी बहन के साथ साथ अपनी पत्नी की भी रक्षा करना यह जिम्मेदारी होती हैं ।

3 ) गुजरात –

गुजरात में भी बहने अपने भाइयों को राखी बांधती हैं । श्रावण मास में गुजरात में भगवान शिव की पूजा की जाती हैं । यह दिन श्रावण मास का आखिरी दिन होता हैं ।

इसलिए इस दिन लोग रूई को पंचगण्य में भिगोकर शिवलिंग के चारों ओर बांधते हैं । ऐसी मान्यता हैं की इस दिन जो भगवान शिव की पूजा करता है और आशीर्वाद लेता है उसके पाप माफ हो जाते हैं ।

4 ) मध्यप्रदेश और बिहार –

मध्य प्रदेश और बिहार में श्रावण मास की पूर्णिमा को कजरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता हैं । इस दिन लोग धरती माता की पूजा करते हैं । यह दिन कृषी व्यवसाय की शुरुआत मानी जाती हैं । इस दिन मध्यप्रदेश और बिहार की महिलाएं अपने बेटों की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिये व्रत रखती हैं ।

5 ) उड़ीसा –

उड़ीसा में रक्षाबंधन को गम्हा पूर्णिमा के नाम से जाना जाता हैं ‌। इस दिन लोग गाय और बैल को सजाते हैं और उनकी पूजा करते हैं । इस दिन उड़ीसा में पीठा नाम की प्रसिद्ध मिठाई बनाई जाती हैं । इस मिठाई को रिश्तेदारों में बाटा जाता हैं ।

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