महाराष्ट्र की पूरी जानकारी Maharashtra Information In Hindi

Maharashtra Information In Hindi महाराष्ट्र भारत का एक राज्य है। महाराष्ट्र भारत के पश्चिम में स्थित है। महाराष्ट्र भारत का तीसरा बड़ा राज्य है । यह भारत के धनी और समृद्ध राज्यों में से एक राज्य है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है । महाराष्ट्र का पुणे शहर भी भारत के बड़े महानगरों में गिना जाता है। महाराष्ट्र राज्य की निर्मिती 1 मई 1960 को हुई हैं। क्षेत्रफल के अनुसार भारत में महाराष्ट्र का तीसरा स्थान है । महाराष्ट्र की मातृभाषा मराठी हैं । महाराष्ट्र का क्षेत्रफल 307,713 किलोमीटर है और महाराष्ट्र की जनसंख्या 11.42 करोड हैं ।

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महाराष्ट्र की पूरी जानकारी Maharashtra Information In Hindi

महाराष्ट्र का भूगोल –

क्षेत्रफल के अनुसार भारत में महाराष्ट्र का तीसरा स्थान है । महाराष्ट्र का क्षेत्रफल 307,713 किलोमीटर है । गोदावरी , कृष्णा , तापी महाराष्ट्र के प्रमुख नदियां हैं । महाराष्ट्र की सबसे ऊंची चोटी कलसुबाई शिखर है । इसकी ऊंचाई 1646 मीटर हैं । महाराष्ट्र के बाजू में अरबी समुद्र हैं । इसकी लंबाई 720 किमी हैं ।

महाराष्ट्र की संस्कृती –

महाराष्ट्र में लोग अलग अलग तरह के कपड़े पहनते हैं । अलग अलग प्रकार का खाना बनाते हैं । महाराष्ट्र में नृत्य और संगीत के भी बहोत प्रकार हैं । महाराष्ट्र में पुरुष शर्ट , टिशर्ट और पैंट पहनते हैं ।

कई पुरुष धोती भी पहनते हैं । महाराष्ट्र की महिलाएं साड़ी , ड्रेस , जीन्स , टाॅप पहनते हैं । महाराष्ट्र में मेले भी होते हैं । महाराष्ट्र में विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं । गणेश चतुर्थी , रामनवमी महाराष्ट्र में बहोत मजे से मनाए जाते हैं।

महाराष्ट्र का पर्यटन –

महाराष्ट्र सुंदर जगहों से भरा है। मुंबई महाराष्ट्र का प्रमुख शहर हैं । इसे ” सपनों के शहर ” के रूप में भी जाना जाता हैं । मुंबई का मुख्य पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ इंडिया हैं । गेटवे ऑफ इंडिया के सामने ताज हाॅटेल है यह भी बहोत प्रसिद्ध हैं । महाराष्ट्र में कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर भी बहोत प्रसिद्ध हैं ।

महाबलेश्वर महाराष्ट्र का प्रसिद्ध हिल स्टेशन हैं । पुणे का शनिवारवाड़ा , श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर , लोनावला , अप्पू होम एम्यूजजमेंट पार्क भी बहोत प्रसिद्ध हैं । इसके अलावा महाराष्ट्र में शिर्डी , पंचगनी , अजंता और एलोरा गुफाएं , इगतपुरी , रत्नागिरी यह जगह भी घुमने के लिए अच्छी हैं ।

महाराष्ट्र के धार्मिक स्थल –

महाराष्ट्र में बहोत धार्मिक स्थल हैं । महाराष्ट्र में कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर और मुंबई का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर बहोत प्रसिद्ध हैं । पूणे के लोनावला में स्थित एकविरा माता का मंदिर भी बहोत प्रसिद्ध हैं । दिनभर में हजारों भाविक एकविरा माता के दर्शन के लिए लोनावला में आते हैं । यह मंदिर एक शिखर पर स्थित हैं । इसे कार्ला नाम से भी जाना जाता हैं ।‌

मुंबई का मुंबादेवी मंदिर भी बहोत प्रसिद्ध हैं । शिर्डी भी महाराष्ट्र में बहोत प्रसिद्ध हैं । शिर्डी ‘ साईं की भूमि ‘ नाम से प्रसिद्ध हैं ।‌ यह साईबाबा का मंदिर हैं । अहमदनगर जिले में शनि शिंगणापुर नाम का एक प्रसिद्ध मंदिर हैं ।यह मंदिर भगवान शनी का हैं । महाराष्ट्र में कोकण में गणपतिपुले का मंदिर हैं । यह मंदिर समुद्र तर पर स्थित हैं ।

मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर भी महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक हैं । यह गणपती का मंदिर हैं । इधर दर्शन के लिए आने वाले भक्तों का मानना हैं की भगवान इनकी मनोकामना पूरी करेंगे । औरंगाबाद का कैलासनाथ मंदिर भगवान शिव का मंदिर हैं । यह मंदिर भी बहोत प्रसिद्ध हैं ।

महाराष्ट्र के संत –

1 ) संत नामदेव –

महाराष्ट्र के संतों में संत नामदेव का नाम सबसे पहले लिया जाता हैं । यह बचपन से ही चमत्कार के लिए प्रसिद्ध हैं । इनका जन्म महाराष्ट्र के सातारा जिले में हुआ था ।‌ इनका संपूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा हैं ।

2 ) संत एकनाथ –

संत एकनाथ का जन्म महाराष्ट्र के पैठण गाव में हुआ था । संत एकनाथ ने भगवत पुराण को खुद की भाषा में लिखा था । इसको उन्होंने ‘ एकनाथीभागवत ‘ नाम दिया था । वे सभी धर्म और जाती के लोगों को एक समान मानते थे ।

3 ) संत जनाबाई –

संत जनाबाई का जन्म महाराष्ट्र के गंगाखेड में हुआ था । इनका जन्म 13 वी शताब्दी के सांतवे और आठवें दशक में हुआ था । उसके माॅं के मृत्यु के बाद उसके पिता उसे पंढरपुर लेकर गयें । यह एक बहोत अच्छी कवयित्री थी और इनके अभंग भी बहोत अच्छे थे ।

4 ) संत तुकाराम –

संत तुकाराम महान संत और कवि थे । इनका जन्म 17 वी सदी में पुणे में हुआ था । इन्हें तुकोबा भी कहा जाता हैं । संत तुकाराम ‘ अभंग ‘ रचकर किर्तन करते थे इसका लोगों पर बड़ा प्रभाव पड़ा ।

5 ) गजानन महाराज –

संत गजानन महाराज का जन्म कब हुआ किसी को ज्ञात नहीं । इन्होने खारे पानी को मीठा किया था और बिमार व्यक्ति को स्वस्थ कर देते थे । गजानन महाराज जिस माता पिता को संतान नहीं होती थी उन्हें संतानप्राप्ती का आशीर्वाद देते थे । लोगों की झोली खुशियों से भर देते थे । गजानन महाराज ने समाधी ली थी ।

6 ) समर्थ रामदास –

समर्थ रामदास का जन्म रामनवमी के दिन 1608 को महाराष्ट्र के जालना गाव में हुआ था । यह शिवाजी महाराज के गुरु थे । दासबोध , आत्माराम , मनोबोध इन ग्रंथों की रचना समर्थ रामदास ने की थी ।

7 ) शिर्डी के साईबाबा –

साई बाबा के जन्म स्थान , जन्म दिवस और असली नाम के बारे में सही जानकारी नही हैं । साईबाबा आध्यात्मिक गुरू , योगी और फकीर थे । साईबाबा धर्म और जाती के विरोधी थे । वो लोगों को जडीबूटी देते थे उससे लोग अच्छे होते थे । जिसके बदले में वे किसी से कुछ नहीं लेते थे ।

8 ) संत गोरोबा –

संत गोरोबा एक विठ्ठलभक्त थे । वे निरंतर पांडुरंग के भजन में तल्लीन रहते थे । वे सदा नामजप में मग्न होते थे । इनकी गुरुपरंपरा नाथपंथीय थी । वे निष्ठावान वारकरी संत थे ।

महाराष्ट्र के किले –

1 ) सिंहगड किला –

सिंहगड किला महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित है । यह किला पुणे से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं । इस किले को पहले कोंढाना नाम से भी जाना जाता था । सिंहगढ किले में कोंढानेश्वर मंदिर , अमृतेश्वर भैरव मंदिर , कल्याण द्वार , बारुद के कोठार , टिलक बंगला यह जगह देखने के लिए हैं ।

कोंढाणेश्वर यह शंकरजी का मंदिर हैं । वे यादव के कुलदैवता थे । यह मंदिर यादव कालीन हैं । अमृतेश्वर मंदिर भैरव देवता का मंदिर हैं । यह कोली लोगों के देवता हैं ।‌ इस किले पर पेहेले कोली लोगों की बस्ती थी ।

2 ) शिवनेरी किला –

शिवनेरी किला शिवाजी महाराज का जन्मस्थल हैं ‌। पुणे किले के जुन्नर शहर के पास एक पहाड़ी के उपर शिवनेरी किला स्थित हैं । शिवनेरी किला घुमने के लिए अच्छा हैं । शिवनेरी किले की संरचना बहोत ही अच्छी हैं । शिवनेरी किले पर कडेलोट टोक हैं । गुन्हेगारों को यहापर लाकर निचे फेका दिया जाता था ।

3 ) पुरंदर किला –

यह किला शिवाजी महाराज का था । यह किला पुणे से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं । किले के अंदर भगवान पुरंदेश्वर के मंदिर हैं । इस किले पर शिवाजी के पुत्र संभाजी का जन्म हुआ था । पुरंदर किले को दो हिस्सों में बाटा गया हैं । निचे के हिस्से को माची कहते हैं और माची के उत्तर दिशा में छावनी और अस्पताल हैं ।

4 ) पन्हाला किला –

पन्हाला किला महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले से 20 किमी दूरी पर स्थित हैं । इस किले को पन्हालगढ़ , पन्हलल्ला नाम से भी जाना जाता हैं । इस किले की लगभग 7 किमी से ज्यादा किलेबंदी के कारण इस किले का क्षेत्र त्रिकोणी जैसा लगता हैं ।‌ यह किला शिवाजी महाराज और संभाजी राजे का पसंदीदा किला हैं ।

5 ) प्रतापगढ़ किला –

यह किला सातारा शहर से 20 किमी दूरी पर हैं । इस किले को दो भागों में विभाजित किया जा सकता हैं । इस किले के दक्षिण – पूर्व भाग में अफजल खान का मकबरा भी हैं । इस किले से महाबलेश्वर हिल स्टेशन भी 24 किलोमीटर की दूरी पर हैं ।

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