भेड़ की पूरी जानकारी Sheep Information In Hindi

Sheep Information In Hindi भेड़ संसार भर पाई जाती हैं । भेड़ को अंग्रेजी में sheep बोलते हैं ।‌ भेड़ एक पालतु पशु हैं । भेड़ का पालन मनुष्य बहोत समय से करता आ रहा हैं ।‌ भेड़ एक शाकाहारी जानवर हैं ।‌

Sheep Information In Hindi

भेड़ की पूरी जानकारी Sheep Information In Hindi

भेड की सुनने की क्षमता ज्यादा होती हैं । भेड़ एक स्तनपायी जानवर हैं । बैंड चार पाय होने वाला जानवर हैं । चीन में सबसे ज्यादा भेड़ पायी जाती हैं । भेड़ पालन अब एक महत्त्वपूर्ण व्यवसाय बन गया हैं । भेड़ लगभग 8 वर्ष तक जिवित रह सकती हैं । भेड़ की याददाश्त बहोत ही तेज होती हैं । भेड कई वर्ष पहेले की घटना को याद रखने में सक्षम होती हैं ।

भेड़ की शारीरिक संरचना –

भेड़ चार पाय होनेवाला पशु हैं । भेड की मुख्य पेहेचान उसके शरीर की ऊन होती हैं । भेड़ की याददाश्त तेज होती हैं । भेड़ कई सालों तक किसी भी घटना को याद रख सकती हैं । भेड के पैरो में खुर होते हैं । यह खुर दो भागों में विभाजित होते हैं । भेड़ के पैर के उंगलियों के बीच एक ग्रंथी होती हैं । कुछ भेड़ की नस्लों में सींग होते हैं लेकिन ज्यादा से ज्यादा भेड़ों को सींग नहीं होते।

भेड़ का खाना –

भेड़ एक शाकाहारी जानवर हैं ।‌ सामान्य तौर पर भैंस घास खाना पसंद करती हैं। भेड सब्जिया और अनाज भी खाती हैं ।

भेड की उपयोगिता –

भेड पालन मुख्य रुप से ऊन उत्पादन के लिए किया जाता है । भेड़ का दूध बहोत ज्यादा पौष्टिक होता हैं । भेड़ के दूध में‌ प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती हैं ।‌ भेड़ की ऊन से गर्म कपड़े बनाये जाते हैं । भेड़ की ऊन में लेनोलिन नाम का तेल होता हैं इस तेल का उपयोग काॅस्मेटिक और मोमबत्ती बनाने में करते हैं । भेड़ ग्रामीण क्षेत्र में आय का एक प्रमुख साधन हैं । भेड़ का गोबर भी बहोत उपयोगी होता हैं जिससे खेतों की उत्पादकता बढ़ती हैं ।

भेड़ की नस्लें –

1) जैसलमेरी भेड़ –

यह भेड़ जैसलमेर जिले में पाई जाती हैं । यह भेड राजस्थान की सर्वाधिक ऊन देने वाली भेड़ हैं । इस भेड़ की ऊन भी सबसे लंबी होती हैं । यह भेड़ राजस्थान में पाई जाने वाली भेड़ों में से प्रमुख भेड़ हैं ।यह भेड़ मुख्यतः मांस के उत्पादन के लिए पाली जाती हैं ।‌ यह भेड़ का शरीर भारी होता हैं । इस भेड़ का मुंह काले और गहरे रंग का होता हैं ।‌

इस भेड़ की पुंछ लंबी होती हैं यह इस भेड़ की खास पहचान हैं । यह भेड़ ज्यादा रायका और सिंधी मुस्लिम लोग पालते हैं ‌शरीर के आकार में यह भेड़ राजस्थान के भेड़ के नस्लों में सबसे बडी हैं । इस भेड़ का शरीर का वजन 54 किलो तक हो सकता हैं और लंबाई 77 किलो तक हो सकती हैं ।

2) मारवाड़ी भेड़ –

यह भेड़ राजस्थान में सर्वाधिक जैसलमेर , जोधपुर, जयपुर , झुन्झुनु , बाड़मेर ,‌ जीकर , पाली इन जिलों में पाई जाती हैं । राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा मारवाड़ी नस्ल की भैंस पायी जाती हैं । सभी भेड़ों में मारवाड़ी भेड़ में सर्वाधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता होती हैं ।

3 ) सोनारी भेड़ –

यह भेड़ राजस्थान के बाॅंमवाडा , भीलवाड़ा , इॅंगारपुर , उदयपुर , चित्तौड़गढ़ जिलों में पाई जाती हैं । इस भैंस के कान बहोत लंबे होते हैं । जब यह भैंस जमीन पर घास चरती हैं तब इस भैंस के कान जमीन को स्पर्श करते हैं ।‌ इस भेड़ का वजन 50 किलोग्राम तक होता हैं ।

4 ) चोकला भेड़ –

यह भेड़ नागौर , चूरू , सीका में पायी जाती हैं ।‌ इस भेड़ का उपयोग अन्न और मांस के लिए होता हैं ‌। इसका रंग सफेद होता हैं ।‌ इस भैंस को छापर भी कहते हैं । इसे ‘ राजस्थान की मेरिनो ‘ इस नाम से भी जाना जाता हैं । इसके शरीर का आकार मध्यम होता हैं । इसका वजन 500 किलो तक होता हैं ।

5 ) खेरी भेड़ –

यह भेड़ राजस्थान में जोधपुर , नागौर , पाली जिलों में पाई जाती हैं । यह भेड़ सफेद ऊन के लिए बहोत प्रसिद्ध हैं ।

6 ) मंगरा भेड़ –

यह भेड़ जैसलमेर , बीकानेर जिलों में पाई जाती हैं । यह भेड़ के ऊन का उपयोग चटाई बनाने के लिए किया जाता हैं ।

7 ) बागड़ी भेड़ –

राजस्थान में बागड़ी भेड़ अलवर जिले में देखने को मिलती हैं । इस भेड़ का मुंह काला होता हैं ।

8 ) नाली भेड़ –

‌ यह भेड़ सर्वाधिक गंगानगर और हनुमानगढ़ में देखने को मिलती हैं । यह भेड़ अधिक ऊन के वजह से प्रसिद्ध हैं । इस भेड़ के कान लंबे होते हैं । इस भेड़ का चेहरा चाॅकलेटी रंग का होता हैं । इस भेड़ का वजन 32 किलोग्राम तक होता हैं । यह भेड़ मध्यम आकार की होती हैं । इसका उपयोग मांस और ऊन उत्पादन के लिए किया जाता हैं ।‌ लेकिन दूध उत्पादन के लिए इस भैंड का उपयोग नहीं किया जाता ।

9 ) जालौनी भेड़ –

यह भेड़ उत्तरप्रदेश के झांसी , जालौन , ललितपुर जिलों में पाई जाती हैं । यह भेड़ मध्यम आकार की होती हैं ।‌ इस भेड़ के शरीर का रंग सफेद होता हैं । इस भेड़ का उपयोग मांस और ऊन के लिए होता हैं । इसका वजन 36 किलोग्राम तक हो सकता हैं और लंबाई 72 सेंटीमीटर तक हो सकती हैं ।

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